क्या आपने कभी नोटिस किया? जब सब किसी स्टॉक से मुंह मोड़ लेते हैं, वही स्मार्ट निवेश का गोल्डन चांस बन जाता है। जेफरीज जैसी टॉप ब्रोकरेज ने ऐसे ही 3 बड़े स्टॉक्स को अपनी रडार पर रखा है। इन्हें ‘फॉलन एंजल्स’ कहा जा रहा है, पहले ये शानदार परफॉर्म करते थे, लेकिन हाल में कुछ सुस्त पड़ गए। जेफरीज का दावा है: “इनमें अभी भी जान है, साइक्लिकल रिकवरी आने वाली है!” आइए समझते हैं कैसे और क्यों।

कंट्रा बेट क्या है? सरल भाषा में समझें
कंट्रा बेट मतलब बाजार की भीड़ के उलट दांव लगाना। जब सब किसी शेयर को बेच रहे होते हैं, तब कुछ इन्वेस्टर सोचते हैं: “शायद यह जरूरत से ज्यादा गिर गया है?” जेफरीज मानती है कि ये स्टॉक्स अभी महंगे जरूर हैं, लेकिन इनके फंडामेंटल्स में सुधार होने वाला है। सबसे बड़ी बात: अगर रिकवरी पूरी न भी हुई, तो इनके गिरने की गुंजाइश कम है। रिस्क-रिवार्ड का अनुपात अच्छा है!
हिंदुस्तान यूनिलीवर (HUL)
HUL ने पिछले कुछ सालों में कई चैलेंजेस झेले – वॉल्यूम ग्रोथ स्लो हुई, कॉम्पिटिशन बढ़ा। इसलिए स्टॉक भी ज्यादा नहीं चला। पर जेफरीज को लगता है अब बदलाव की हवा चलने वाली है:
- नई स्ट्रैटेजी: पहले मार्जिन पर फोकस था, अब कंपनी ग्रोथ पर जोर दे रही है।
- पैरेंट का सपोर्ट: यूनिलीवर (HUL की ग्लोबल पैरेंट कंपनी) अब भारत पर खास ध्यान दे रही है।
HUL की मुख्य जानकारी
| पैरामीटर | विवरण |
|---|---|
| बिज़नेस | भारत की नंबर 1 FMCG कंपनी |
| टॉप सेगमेंट | होम केयर (38% रेवेन्यू), फूड्स (25%), ब्यूटी (22%) |
| FY25 रेवेन्यू | ₹63,121 करोड़ (1.9% की बढ़त) |
| FY25 प्रॉफिट | ₹10,671 करोड़ (3.8% की बढ़त) |
| दक्षता | ROCE: 27.8%, ROE: 20.7% |
एशियन पेंट्स
ब्रोकरेज ने एशियन पेंट्स को सीधा “अंडरपरफॉर्म” से “बाय” श्रेणी में शिफ्ट किया है! प्राइस टारगेट ₹2,000 से बढ़ाकर ₹2,830 किया। मतलब मौजूदा प्राइस से 18% तक का अपसाइड दिख रहा है। कारण:
- कॉम्पिटिशन का असर कम: बिरला ओपस के प्रभाव को अब स्टॉक प्राइस में डिस्काउंट कर दिया गया है।
- रिकवरी की उम्मीद: FY26 से अर्निंग्स में सुधार, मॉनसून और सरकारी खर्चे से डिमांड बढ़ेगी।
एशियन पेंट्स की मुख्य जानकारी
| पैरामीटर | विवरण |
|---|---|
| बिज़नेस | भारत की सबसे बड़ी पेंट्स कंपनी |
| FY25 रेवेन्यू | ₹33,906 करोड़ (4.5% की गिरावट) |
| FY25 प्रॉफिट | ₹3,710 करोड़ (33.2% की गिरावट) |
| दक्षता | ROCE: 25.7%, ROE: 20.6% |
वरुण बेवरेजेज (VBL)
जेफरीज ने VBL के अर्निंग्स एस्टीमेट 9-10% कम किए। कारण: इस साल गर्मी का सीजन उम्मीद से कमजोर रहा। प्राइस टारगेट ₹650 से घटाकर ₹560 किया। फिर भी “बाय” रेटिंग बरकरार।
- वैल्यूएशन आकर्षक: नियर-टर्म प्रेशर के बावजूद लॉन्ग-टर्म स्टोरी मजबूत है।
- पेप्सिको का जादू: VBL दुनिया में पेप्सिको का सबसे बड़ा फ्रैंचाइजी (यूएस के बाहर)। 90% भारतीय मार्केट कवरेज।
वरुण बेवरेजेज की मुख्य जानकारी
| पैरामीटर | विवरण |
|---|---|
| बिज़नेस | पेप्सिको का टॉप इंडियन पार्टनर |
| मार्केट रीच | 26 भारतीय राज्य + 6 केंद्रशासित प्रदेश |
| FY24 रेवेन्यू | ₹20,008 करोड़ (24.7% की बढ़त) |
| FY24 प्रॉफिट | ₹2,634 करोड़ (25.3% की बढ़त) |
| दक्षता | ROCE: 24.8%, ROE: 22.5% |
जेफरीज के 3 मंत्र
- कंट्रा बेट्स में रिस्क-रिवार्ड अच्छा होता है: ये स्टॉक्स अभी अंडरराडार पर हैं, इसलिए अवसर हो सकता है।
- फॉलन एंजल्स, पर जायंट्स: HUL, एशियन पेंट्स, VBL अपने सेक्टर के लीडर हैं। ब्रांड पावर और बैलेंस शीट मजबूत है।
- समय लगेगा: रिकवरी रातोंरात नहीं आएगी। जेफरीज 12 महीने का दृष्टिकोण रखता है।
अंतिम बात
शेयर बाजार में वही स्टॉक जो सबको निराश कर रहे होते हैं, अक्सर बाद में जबरदस्त रिटर्न देते हैं। जेफरीज ने इन 3 दिग्गजों को कंट्रा बेट के तौर पर चुना है। अगर रिकवरी सही साबित हुई, तो निवेशकों को फायदा हो सकता है। पर याद रखें: हर निवेश में जोखिम होता है। अपनी रिसर्च जरूर करें! क्या आप भी इनमें से किसी स्टॉक पर नजर बनाए हुए हैं?
Disclaimer: ऊपर दिए गए विचार और सिफारिशें व्यक्तिगत विश्लेषकों या ब्रोकिंग कंपनियों की हैं, न कि "Finance Ghar" की। हम निवेशकों को सलाह देते हैं कि किसी भी निवेश निर्णय लेने से पहले प्रमाणित विशेषज्ञों से परामर्श करें। निवेश में जोखिम होता है और सही जानकारी के बिना निर्णय लेना हानिकारक हो सकता है।
