Tata Tech ने जारी किए Q1 नतीजे, नेट प्रॉफिट 5% से बढ़ कर ₹170 करोड़, पर रेवेन्यू घट गया

Tata Tech Q1 Results Profit Went 170Cr YOY

आज Tata Technologies ने अपने Q1FY26 के नतीजे पेश किए, और इन्वेस्टर्स की नज़रें इस पर टिकी थीं। कंपनी का प्रॉफिट सालाना तौर पर बढ़ा, लेकिन क्वार्टर-ऑन-क्वार्टर (QoQ) गिरावट देखने को मिली। साथ ही, रेवेन्यू में भी कमी आई है। तो क्या ये रिजल्ट इन्वेस्टर्स को निराश करने वाले हैं, या फिर हालात सुधरने वाले हैं? चलिए, डिटेल में समझते हैं।

Tata Tech Q1 Results Profit Went 170Cr YOY

Q1FY26 का हाल

Tata Technologies ने इस क्वार्टर में कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट ₹170 करोड़ दर्ज किया, जो पिछले साल की इसी तिमाही (YoY) के मुकाबले 5.1% बढ़ा है। लेकिन, अगर हम पिछले क्वार्टर (QoQ) से तुलना करें, तो प्रॉफिट में 9.8% की गिरावट आई है।

रेवेन्यू की बात करें, तो यहाँ दोनों तरफ से मायूसी देखने को मिली। कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू ₹1,244 करोड़ रहा, जो QoQ 3.2% और YoY 1.9% कम है। यानी, कंपनी को अपने मुख्य सेगमेंट्स में कमजोर परफॉर्मेंस का सामना करना पड़ा।

सेगमेंट-वाइज परफॉर्मेंस

  • सर्विसेज सेगमेंट: ₹963 करोड़ का रेवेन्यू, जो QoQ 5.9% और YoY 2.2% कम।
  • टेक्नोलॉजी सॉल्यूशंस सेगमेंट: ₹280 करोड़ का रेवेन्यू, जो QoQ 3.2% और YoY 1.9% नीचे।

अगर डॉलर में देखें, तो रेवेन्यू $145.3 मिलियन रहा, जो QoQ 2.1% और YoY 5.1% कम है। कंस्टेंट करेंसी के हिसाब से भी गिरावट 4.6% (QoQ) और 5.3% (YoY) रही।

EBITDA और मार्जिन पर भी दबाव

ऑपरेटिंग लेवल पर, EBITDA ₹201 करोड़ रहा, जो QoQ 14.3% और YoY 13.4% कम है। EBITDA मार्जिन 16.1% पर आ गया, जो पिछले क्वार्टर के 18.2% से कम है। ये दिखाता है कि कंपनी को कॉस्ट प्रेशर का सामना करना पड़ रहा है।

मैनेजमेंट का विश्वास

Tata Technologies के CEO वॉरेन हैरिस ने कहा कि क्वार्टर की शुरुआत कॉशन के साथ हुई, लेकिन क्लाइंट कॉन्फिडेंस बाद में मजबूत हुआ। उन्होंने कहा, “हम Q2 में सिक्वेंशियल रिकवरी और FY26 के सेकंड हाफ में मजबूत परफॉर्मेंस की उम्मीद करते हैं। हमारा डील पाइपलाइन पिछले साल से बेहतर है, और हमें बेहतर कन्वर्जन की उम्मीद है।”

क्या है इन्वेस्टर्स के लिए टेकअवे?

Tata Technologies का Q1 मिक्स्ड बैग रहा, प्रॉफिट YoY बढ़ा, लेकिन QoQ गिरावट और रेवेन्यू में कमी चिंता का विषय है। हालाँकि, मैनेजमेंट का H2 को लेकर पॉजिटिव आउटलुक इन्वेस्टर्स को कुछ राहत दे सकता है। अगर कंपनी अपने डील पाइपलाइन को कन्वर्ट करने में कामयाब रही, तो आने वाले क्वार्टर्स में सुधार देखने को मिल सकता है।

फिलहाल, मार्केट की प्रतिक्रिया और ब्रोकरेज फर्म्स की रिपोर्ट्स पर नजर रखना जरूरी होगा। क्या आप Tata Technologies के इन रिजल्ट्स को कैसे देखते हैं? कमेंट में बताइए।

Disclaimer: ऊपर दिए गए विचार और सिफारिशें व्यक्तिगत विश्लेषकों या ब्रोकिंग कंपनियों की हैं, न कि "Finance Ghar" की। हम निवेशकों को सलाह देते हैं कि किसी भी निवेश निर्णय लेने से पहले प्रमाणित विशेषज्ञों से परामर्श करें। निवेश में जोखिम होता है और सही जानकारी के बिना निर्णय लेना हानिकारक हो सकता है।

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