क्या आप जानते हैं कि कंपनियां अपने व्यवसाय को विस्तार देने के लिए कितना बड़ा जोखिम उठाती हैं? कायनेस टेक्नोलॉजी इंडिया लिमिटेड ने हाल ही में अपनी सिंगापुर स्थित सहायक कंपनी कायनेस होल्डिंग प्राइवेट लिमिटेड में 1.77 मिलियन डॉलर (लगभग ₹1,300 करोड़) के निवेश की घोषणा की है। यह निवेश इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग और रणनीतिक अधिग्रहणों को बढ़ावा देने के लिए किया जा रहा है।

कायनेस होल्डिंग का क्या है प्लान?
कायनेस होल्डिंग को जून 2024 में सिंगापुर में पंजीकृत किया गया था और अभी तक इसका कोई राजस्व नहीं है। हालांकि, कायनेस टेक्नोलॉजी इसकी 100% मालिक है और इस निवेश से कंपनी का नियंत्रण और मजबूत होगा। यह सहायक कंपनी इलेक्ट्रॉनिक्स डिजाइन, मैन्युफैक्चरिंग और रणनीतिक अधिग्रहणों पर ध्यान केंद्रित करेगी, जो कायनेस के भविष्य के विकास के लिए महत्वपूर्ण है।
महत्वपूर्ण जानकारी:
निवेश राशि: 1.77 मिलियन डॉलर (लगभग ₹1,300 करोड़)
जारी किए गए शेयर: 1.75 करोड़ अतिरिक्त शेयर
शेयर मूल्य: 1.01 डॉलर प्रति शेयर
समयसीमा: 30 जून 2026 तक पूरा होगा
कंपनी का वित्तीय प्रदर्शन
कायनेस टेक्नोलॉजी ने वित्तीय वर्ष 2024-25 में 51% की राजस्व वृद्धि (₹1,804 करोड़) और 60% की लाभ वृद्धि (₹183 करोड़) दर्ज की है। चौथी तिमाही के परिणाम भी मजबूत रहे, 54% राजस्व वृद्धि और 43% लाभ वृद्धि (वार्षिक आधार पर)।
हालांकि, एक चिंता का विषय यह है कि कार्यशील पूंजी के दिन 83 से बढ़कर 87 हो गए हैं, जिसका अर्थ है कि कंपनी को भुगतान वसूलने में अधिक समय लग रहा है।
शेयर प्रदर्शन
- 52-सप्ताह के निचले स्तर (₹3,729) से 67% की वृद्धि
- 2 वर्षों में 295% रिटर्न – 10,000 रुपये का निवेश 39,500 रुपये हो गया।
- वर्तमान बाजार पूंजीकरण: ₹40,000 करोड़ से अधिक
- ऑर्डर बुक: ₹6,597 करोड़ (भविष्य के राजस्व का सकारात्मक संकेत)
निष्कर्ष
कायनेस टेक्नोलॉजी इलेक्ट्रॉनिक्स, IOT और इलेक्ट्रिक वाहनों के क्षेत्र में एक मजबूत खिलाड़ी के रूप में उभर रही है। कंपनी का वित्तीय प्रदर्शन मजबूत है और शेयर ने पहले ही उल्लेखनीय रिटर्न दिए हैं। हालांकि, शेयर की कीमत में पहले ही उल्लेखनीय वृद्धि हो चुकी है, इसलिए निवेशकों को सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है।
Disclaimer: ऊपर दिए गए विचार और सिफारिशें व्यक्तिगत विश्लेषकों या ब्रोकिंग कंपनियों की हैं, न कि "Finance Ghar" की। हम निवेशकों को सलाह देते हैं कि किसी भी निवेश निर्णय लेने से पहले प्रमाणित विशेषज्ञों से परामर्श करें। निवेश में जोखिम होता है और सही जानकारी के बिना निर्णय लेना हानिकारक हो सकता है।
